रामभक्ति और राष्ट्रभाव का संगम, दिवंगत सैनिकों मौन श्रद्धांजलि दी
जावद। अयोध्या में श्रीरामलला के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के द्वितीय वर्ष के पावन अवसर पर जावद नगर में आयोजित तीन दिवसीय रामधुन का गुरुवार को भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। समापन दिवस पर रामधुन श्री बटेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों बस स्टैंड, भारत माता चौराहा, लक्ष्मीनाथ चौक, माणक चौक, कंठाल चौराहा, कसेरा बाजार, खुर्रा चौक, अठाना दरवाजा, बोहरा गली, खातिवाड़ा, जोगणिया माता चौराहा, धानमंडी एवं सराफा बाजार से होती हुई परकोटा बालाजी मंदिर पहुंची।
रामधुन के दौरान “जय श्रीराम” के जयघोष, भजन-कीर्तन और रामनाम की गूंज से संपूर्ण नगर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। रामधुन में महिला, पुरुषों के साथ बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। धर्मप्रेमी श्रद्धालु हाथों में भगवा ध्वज लेकर अनुशासनबद्ध रूप से चलते नजर आए, वहीं जगह-जगह नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर रामधुन का आत्मीय स्वागत किया।
रामधुन का समापन परकोटा बालाजी मंदिर पर महाआरती एवं हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के साथ श्रद्धापूर्वक किया गया। इसके पश्चात उपस्थित समस्त धर्मप्रेमी जनता को प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम के अंत में देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले दिवंगत सैनिकों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
तीन दिनों तक चले इस पावन आयोजन ने नगर में रामभक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।
