ढोल-ढमाकों की गूंज के बीच समाजजनों ने निभाई परंपराएं
जावद। नगर में मंगलवार को रंग तेरस का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से मनाया गया। विभिन्न समाजों द्वारा ढोल-ढमाकों की थाप पर रंगारंग गैर निकाली गई, जिसमें समाजजन उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए। परंपरा अनुसार समाजजन शोकाकुल परिवारों के घर पहुंचकर उन्हें रंग लगाकर सांत्वना देते हुए सामाजिक एकजुटता का संदेश भी दिया।
इसके पश्चात नगर के प्रमुख मार्गों से विभिन्न समाजों की गैर निकली, जिससे पूरे शहर का माहौल रंग और उल्लास से सराबोर हो गया।
विभिन्न समाजों की गैर निकली, मंदिरों में किए दर्शनगुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज की गैर गौतमालय भवन से, माहेश्वरी समाज की गैर लक्ष्मीनाथ मंदिर से, सारस्वत समाज की गैर बैंगनपुरा स्थित चारभुजानाथ मंदिर से, घाणावार तेली समाज की गैर खोर दरवाजा स्थित सांवलिया मंदिर से, सेन समाज की गैर धानमंडी स्थित चारभुजानाथ मंदिर से, अग्रवाल समाज की गैर केशुराम मंदिर माणक चौक से तथा सिखवाल समाज की गैर कैलाश मंदिर से प्रारंभ हुई।
गुर्जर गौड़ ब्राह्मण एवं सिखवाल समाज के समाजजन लक्ष्मीनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने गुलाल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। विभिन्न गैर नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी और अंत में गौतमालय भवन पर स्वल्पाहार के साथ समापन हुआ।
नगर में जैन, बैरागी, नामदेव छीपा, कुमावत, प्रजापत, धोबी सहित अन्य समाजों ने भी रंग तेरस का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया। अतिप्राचीन लक्ष्मीनाथ मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों पर गुलाल लगाकर ढोल-नगाड़ों के साथ रंगोत्सव मनाया गया।
सालाना बैठक में सामाजिक विषयों पर चर्चा
प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी रात्रि में विभिन्न समाजों की वार्षिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के उत्थान, विकास और विभिन्न सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया तथा आय-व्यय का ब्यौरा समाजजनों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जावद नगर में रंग तेरस का पर्व सभी समाजों ने मिलजुलकर उत्साह और परंपरा के साथ मनाया
