भोपाल। जेपी अस्पताल में 19 जनवरी से तीन बड़ी सुविधाएं शुरू होने जा रही हैं। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की माड्युलर ओटी, छह बेड का हीमोफीलिया वार्ड और पीडियाट्रिक इंसेटिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) शुरू की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट इन सुविधाओं को शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा उसी दिन से शुरू होने वाले प्रदेश व्यापी पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत भी वह करेंगे। इस कार्यक्रम में पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भी शामिल होने की उम्मीद है।
जेपी अस्पताल में टीबी के गंभीर मरीजों के लिए वार्ड भी बनकर तैयार है, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ नहीं होने की वजह से इसे अगले महीने शुरू किया जाएगा।
ऑपरेशन के दौरान प्रसूता व नवजात को संक्रमण का खतरा नहीं रहेगा। ओटी में बैक्टीरिया व अन्य जीवाणु नहीं घुस पाएंगे। इसके लिए फिल्टर लगाए गए हैं। नमी को नियंत्रित रखा जाएगा, जिससे ओटी के भीतर कोई जीवाणु पैदा न हो सकें। नए ओटी में कहीं भी कोने नहीं हैं, जिससे वहां पर धूल व जीवाणु जमा नहीं होगे। ओटी लाइट व ओटी टेबल पर पहले से बेहतर लगाए गए हैं।
अस्पताल में छह बिस्तर का हीमोफीलिया डे केयर सेंटर शुरू किया जाएगा। यहां पर भोपाल समेत आसपास के आठ जिलों के मरीजों को खून का रिसाव रोकने के लिए फैक्टर 8 व 9 चढ़ाया जाएगा। पहली बार किसी जिला अस्पताल में यह सुविधा शुरू की जा रही है। अस्पताल में मरीजों को निःशुल्क फैक्टर लगाए जाएंगे। इन मरीजों में खून का रिसाव होने पर बंद नहीं होता। बाजार से खरीदने पर एक मरीज को 8 हजार से 25 हजार तक का फैक्टर लगता है।
जेपी अस्पताल में पुराने बच्चा वार्ड की जगह 10 बिस्तर की पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) बनाई जा रही है। यह भी लगभग तैयार हो गई है। यहां 1-5 साल तक के गंभीर बच्चों को भर्ती किया जाएगा। उनकी निगरानी के लिए एसएनसीयू की तर्ज पर पूरे समय चिकित्सक मौजूद रहेंगे। पीआईसीयू में वेंटिलेटर, मल्टी पैरा मॉनीटर व समेत सभी जरूरी उपकरण रहेंगे।
