नीमच। जाजू गली निवासी प्रदीप गोयल बताते हैं कि उन्होंने 20 वर्ष की आयु में तंबाकू चबाना शुरू किया। 47 वर्ष की आयु में उन्होंने तंबाकू छोड़ने का मन बनाया। इससे दूरी बनाई तो अगले ही दिन जबड़े में दिक्कत आई। 19 जनवरी 2016 को हुई जांच में कैंसर की पुष्टि हुई। नीमच, इंदौर, उदयपुर और अहमदाबाद सहित कई शहरों में इलाज कराया, लेकिन खर्च अधिक बताया। मुंबई में डॉ. संजय शर्मा ने 2017 में ऑपरेशन किया। उन्होंने आधा जबड़ा काटा और इसके स्थान पर पैर की हड्डी जबड़े में लगाई। करीब 12 लाख रुपए से अधिक खर्च हुए। अब वे पूरी तरह स्वास्थ्य हैं। बीमारी से मुकाबला करने में पिता ओमप्रकाश गोयल, मां राधादेवी, पत्नी पिंकीदेवी, बेटे राज और मयंक ने संबल दिया। प्रदीप गोयल की विश्व कैंसर दिवस के मौके पर लोगों से अपील है कि वे नशे से दूर रहें। तंबाकू का सेवन नहीं करें। दुनिया में सभी बीमारियों का इलाज है, लेकिन सावधानी रखकर बीमारियों से दूर रहा जा सकता।
