जावद। जावद थाना क्षेत्र के ग्राम पालराखेड़ा में बावल ग्राम पंचायत के सचिव ने स्वयं के खेत पर पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची और जांच के दौरान मृतक सचिव के जेब से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। जिसमें मौत का जिम्मेदार जिला पंचायत सदस्य दिनेश बैरागी और पंच भगतीराम जाट को बताया है। फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। वहीं सुसाइड नोट के आधार पर मौत के कारणों की गहनता से जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने बताया कि पालराखेड़ा गांव निवासी सुरेंद्र सिंह पिता बहादुर सिंह चुंडावत उम्र ५२ वर्ष जनपद पंचायत जावद के अंतर्गत ग्राम पंचायत बावल में ग्राम सचिव के पद पर पदस्थ थे। जो कि रोजाना की भांति घर से सुबह 8.30 बजे खेत के लिए पैदल निकले थे। काफी देर तक वापस नहीं आने पर परिजनों को चिंता हुई उन्हें तलाशने पर खेत पर पेड़ से फंदे पर उन्हें झूलता पाया गया। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा जावाद चिकित्सायल में शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने जिला पंचायत सदस्य दिनेश बैरागी और पंच बरखेड़ा निवासी भगतीराम जाट के द्वारा निर्माण कार्य के दस लाख के लेनदेन को लेकर परेशान करना बताया है। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है। उसके आधार पर मौत के कारणों की गहनता से जांच शुरू कर दी है। वहीं परिजन महेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक सुरेंद्र सिंह की जेब से मिले सुसाइड नोट में दस लाख की लेनदेन को लेकर उसने जिला पंचायत सदस्य दिनेश बैरागी और भगतीराम जाट से परेशान होना बताया है। इतनी बड़ी राशि वह कहा से चुकाता, इसीलिए आत्महत्या की है। उसकी मौत के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
यह लिखा सुसाइड नोट-
थाना प्रभारी आेपी मिश्रा ने बताया कि बावल खेड़ी ग्राम पंचायत सचिव सुरेंद्र सिंह चुंडावत की फंासी लगाकर आत्महत्या मे उसके पास से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें जिला पंचायत सदस्य दिनेश बैरागी ने भवन निर्माण के कार्य पूर्ण होने से पहले 10 लाख पूरी राशि निकाल ली है। अभी भी दो लाख का का काम बाकी है। जिसके लिए आजकल कर रहें है। वहीं कई बार सरपंच पति ने भी बोला तो नहीं कर रहा है। सरंपच पति ने ही काम दिया व एक काम लालपुरा का सीसी रोड का सरपंच पति रतनलाल भील ने भगतीराम जाट सरंपच मेलानखेड़ा निवासी बरखेड़ा जाट का है। जो सीसी का काम कर रहा था। कुछ काम तो किया व दूसरा काम सीसी का जिसकी राशि पूरी ले ली। अब काम की बोलता हूं तो कहता है कि कर रहा हू। उसने कुल ३ लाख का ही काम किया, जबकि ६ लाख का काम था। रोज कहता है तो कहता कर रहा हूं। जिस कारण सभी से प्रताडि़त था। उसने सुसाइड नोट में यह भी इंगित किया है कि देवीलाल प्रजापत उपसरपंच से बावल ने दो लाख रुपए सरपंच पति से दिलाये। आंगनवाड़ी का कार्य पूरा नहीं किया। जेब से देकर काम करवाया था। 1 लाख 60 हजार का देवीाल कहता है, सरपंच से मांगता हू। रुपए लेकर काम सिर्फ ५० हजार का किया है। उसने स्वयं की मौत का जिम्मेदार दोनों जिला पंचायत सदस्य दिनेश बैरागी और सरपंच भगतीराम जाट को ठहराया है। सुसाइड नोट पर गहनता से जांच की जा रही है। जिला पंचायत सीईओ से मामले व कार्य के बारे में चर्चा कर जांच के बाद आरोपियों पर धारा ३०६ में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
