नीमच। 23 अप्रैल 2019 को नीमच सिटी थाना क्षेत्र में हुई थी। फरियादी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह मायके और उसका पति मजदूरी करने बाहर गया था। रात को जब वह घर लौटी तो उसकी बेटी घर पर नहीं थी। परिजनों और रिश्तेदारों के यहां तलाशने के बाद पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। साथ ही अज्ञात व्यक्ति को बेटी को भगा ले जाने की आशंका भी जताई। इस पर पुलिस ने 4 मई 2019 को पीड़िता की तलाश कर उसे ग्राम रियावन में आरोपित घनश्याम के आधिपत्य से बरामद किया। पीड़िता व परिजनों के बयान के बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ अपहरण व बलात्कार का प्रकरण दर्ज किया। पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर अनुसंधान के बाद चालान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष और गवाहों को सुनने के बाद न्यायालय के समक्ष आरोप प्रमाणित हो गए। इस पर पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश व अपर सत्र न्यायाधीश नीमच विवेक कुमार ने आरोपित ग्राम रियावन जिला रतलाम के घनश्याम पिता रतनलाल भील (22) को अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में दोषी ठहराते हुए 17 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 15 हजार रुपए का जुर्माना किया।
