नीमच। प्रथम कन्या का जन्म होना धर्म का प्रतीक होता है। बेटी पिता, नाना और ससुर के घरों को रोशन करती है। कन्या भ्रूण हत्या नहीं रुकी तो हम बेटियों के लिए तरस जाएंगे। यह बात पंडित शिव महाराज ने कही। वे ग्राम डूंगलावदा स्थित माताजी मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के दौरान रविवार को बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बेटा भाग्य है तो बेटी सौभाग्य है, जो सौ वर्षों के जन्मों का पुण्य होता है। कन्या को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी सिखाएं।
