नीमच। खसरा रुबेला निगरानी एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर के सभाकक्ष में आयोजित हुआ। इसमें खसरा रोग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि खसरा रोग कि सी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। इसके मुख्य लक्षण बुखार, घमोरीनुमा, बिना पानी वाले दाने, खांसी, नाक बहना व आंख लाल होना है। यह वायरस तीव्रता से फै लता है और संक्रमित व्यक्ति के खांसने व छींकने से भी फै लता है। रुबेला बच्चों में होने वाली एक बीमारी है, जो गर्भावस्था में होने पर बच्चे की मौत, आजीवन अक्षमता व गंभीर जन्म दोष हो सकते हैं। खसरा रुबेला की निगरानी के लिए मैदानी स्वास्थ्य अमले को जिला स्तर के अधिकारी द्वारा निर्देशित कर इस प्रकार के संभावित के स चयन कर प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य कें द्रों पर लैब टेक्नीशियन के माध्यम से जांच कर पॉजीटिव के स का पता कर उपचार दिया जाए। इस अवसर पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रवीण पांचाल व एएसएमओ डॉ. स्वाति मित्तल सहित अन्य मौजूद थे।
