नीमच। नीमच शहर एवं इसके आसपास शहर से लगी भूमि पर में किसानों की सब्जी की खेती जहरिले मल—मूत्र के पानी से जनता के स्वास्थय के साथ खिलवाड़ वर्षों से हो रहा है। स्वास्थय अधिकारी गाडी़यों में घूम कर पोलिथिन की थेलियां सब्जी मंडी एवं बाजार से जप्त कर घर जाकर सो जाते हें , शहर के छोर पर रोड के पास खेतों में ऐसी सब्जियां उगाई जा रही हैं, जो जानलेवा है. किसान नाले के गंदे पानी से खेतों में सिंचाई कर सब्जियां उगा रहे हैं. और उसे बाजार में बेच रहे हैं. लेकिन बावजूद इसके नपा प्रशासन इस पानीके होरहे उपयोग के प्रती लापरवाही पूर्वक आंख मूंदे बैठा है।
नाला- मुक्तिधाम, साबुद्दीन बाबा दरगाह के पास से गुजरता हे नीमच सिटी शमशान तक इसके किनारे के खेतों में जहां जहरीली सब्जियां उगाकर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. किसान जिस गंदे नाले के पानी का इस्तेमाल सिंचाई के लिए कर रहे हैं, उसमें शमशान की राख तक फेंकी जाती है, इस नाले के पास कोई व्यक्ति दो मिनट आराम से खड़ा नहीं रह सकता है. बावजूद इसके किसान गंदे नाले के पानी से खेतों की सिंचाई कर रहे हैं।
वहीं मामले में जिला अस्पताल संघर्ष समिति के सदस्य संदीप राठौर का कहना है कि पूर्व में इस मामले की शिकायत नगर पालिका के अधिकारियों से भी की जा चुकी है, मगर आज तक कोई बड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिली है. मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि नाले के प्रदूषित पानी से सब्जियां उपजाने मानव शरीर में कैंसर हो सकता है, और हार्ट,गुर्दा पर भी बुरा असर पड़ सकता है और भी क ई बुरे प्रभाव हो सकते हैं ।
