अल्हेड़ ग्राम पंचायत को मनासा एसडीएम कोर्ट ने ठहराया अतिक्रमण का जिम्मेदार, दिए दंडात्मक कार्यवाही के निर्देश
नीमच। प्राप्त जानकारी अनुसार तहसीलदार मनासा ने एसडीएम न्यायालय में उनका प्रकरण क्रमांक 189/अ-68/17-18 प्रतिवेदन दिनांक 13 अगस्त 2019 सहित इस आशय का प्रस्तुत किया कि मौजा पटवारी अल्हेड़ द्वारा अनावेदक ज्ञानचंद पिता मथुरालाल माली निवासी अल्हेड़, मौजा अल्हेड स्थित भूमि सर्वे नंबर 731 कुल रकबा 1.084 हेक्टेयर में से 2250 वर्गफीट पर अनाधिकृत रूप से अतिक्रमण किया है। प्रकरण में अनावेदक द्वारा जवाब प्रस्तुत किया गया कि ग्राम पंचायत द्वारा प्रश्नाधीन भूमि का पट्टा आदि दिया गया है। न्यायालय द्वारा प्रकरण का अवलोकन करने पर सामने आया कि अनावेदक द्वारा अधीनस्थ न्यायालय में इस आशय जवाब प्रस्तुत किया गया है कि पूर्व मं उसे 1800 वर्गफीट का पट्टा ग्राम पंचायत से मिला था। शिकायत होने पर दिनांक 26 मार्च 2018 को सचिव एवं सरपंच द्वारा मौके पर आकर उक्त स्थान की नप्ती की एवं पंचनामा बनाया और पंचनामा व प्रकरण पत्र अनावेदक को प्रदान किया गया कि उक्त भूमि अनावेदक की निजी भूमि होकर कोई अतिक्रमण नहीं किया गया है। उक्त प्लाट पर अनावेदक को निर्माण करने की अनुमति भी दी गई है। शासन द्वारा जांच उपरांत उक्त प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ है। इस हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि भी प्राप्त हुई है। ग्राम पंचायत द्वारा 15 मार्च 2018 को भवन निर्माण की अनुमति भी प्रदाने की गई है। अनावेदक द्वारा शिकायत निरस्त करने का निवेदन किया गया।
पंचायत से पूछा पट्टा जारी करने का अधिकार
न्यायालय ने प्रकरण के अवलोकन करने पर पाया कि ग्राम पंचायत अल्हेड़ अर्थात सरंपच, सचिव द्वारा जो पंचनामा भवन निर्माण अनुमति प्रमाण पत्र आदि अनावेदक को प्रदान किया गया है। इस कारण विवाद उत्पन्न हुआ है। पंचनामा दिनांक 26 मार्च 2018 की छायाप्रति के अनुसार ग्राम पंचायत ने यह पंचनामा बनाया कि अल्हेड़ निवासी मथुराला पिता नगजीराम माली द्वारा जो निर्माण किया जा रहा है। जो इनकी निजी भूस्वामी की भूमि पर किया जा रहा है। कोई अतिक्रमण नहीं किया जा रहा है। इनको कार्य करने की अनुमति दी जाती है, कार्य चालू रखे। ग्राम पंचायत अल्हेड ने यह कैसे तय किया कि अतिक्रमण है अथवा नहीं यह भी स्पष्ट नहीं है।परंतु इसमें यह स्पष्ट है कि अनावेदक ग्राम पंचायत की मंशानुरूप दस्तावेज के अनुार ही निर्माण आदि कर रहा था। यदि अतिक्रमण हुआ है तो इसके लिए ग्राम पंचायत ही उत्तरदायी है। अतएव मौजा पटवारी की रिपोर्ट पंचनामा दिनांक 27 मार्च 2018 की छायाप्रति एवं ग्राम पंचायत अल्हेड़ द्वारा प्रदत्त पंचनामा दिनांक 26 मार्च 2018 भवन निर्माण अनुमति दिनांक 15 मार्च 2018 की छायाप्रति की करवाकर एवं अन्यादि दस्तावेजो की छायाप्रतियं अर्थात संपूर्ण प्रकरण पत्रावली की छायाप्रति करवाकर इस पत्र के संग्न आपको भिजवाई जा रही है। वादग्रस्त भूमिशासकीय अभिलेख में शासकीय दर्ज है। जब तक कोई भी शासकीय भूमि आबादी घोषित नहीं हो जाती है तब तक ग्राम पंचायत को आवासीय पट्टा देने का अधिकार नहीं है। इसीलिए ग्राम पंचायत अल्हेड़ के सरपंच और सचिव के विरूद्ध नियमानुसार जो भी आवश्यक हो दंडात्मक कार्यवाहीं की जाए।
