जावद। ए मेरे प्यारे वतन, ए मेरे पिछडे वतन, तुझ पर देश कुर्बान, दिल दिया है जान भी दैंगे, है वतन तेरे लिए आदी देेश भक्ति गानों के साथ गुरुवार को रात्रि 8 बजे भाम्भी मोहल्ला स्थित सुभाष कार्यालय पर भारतीय सुभाष सेना अध्यक्ष नारायण सोमानी की अध्यक्षा में तुम मुझे खुन दो में तुम्हे आजादी दुंगा नारे को बुलंद करने वाले अमर शहीद सुभाष चंद्र बोस की 123 वीं जन्म जयंती पर सुभाषजी की तस्विर पर माला पहनाकर, दीपक, लगाकर धुमधाम से मनाई गई। वरिष्ठ सदस्य मदनलाल टेलर ने एक से बडकर एक राष्ट्रीय गीतो की शानदार प्रस्तुति दी। संस्था अध्यक्ष नारायण सोमानी ने कहाँ की नेताजी ने आजाद हिंद फौज की स्थापना करके अंग्रेजो को बता दिया था की भारत का एक युवा मातृ भुमी के लिए मन में ठान ले तो असम्भव कार्य सम्भव कर सकता है। आज गली गली में नेताजी घुम रहे है, असली नेताजी तो सुभाष चंद्र बोस है जो घर परिवार की चिंता छोडकर भारत देश को आजाद कराया। सचिव फकिरचंद्र मालवीय ने कहाँ की सुभाष जी मरते दम तक देश को आजाद दिलाने में कोई कसर नही छोडी। सुभाष जी ने कई भेष बदल बदलकर लोगो में देश को आजाद कराने में सहयोग के लिए पेरित किया, जिससे लम्बी आजाद हिंद फौज सेना तैयार हुई, वही सेना ने अंग्रेजो से डटकर जवाब दिया। घीसालाल काछी ने कहाँ की देश के आजादी दिलाने में सुभाष जी अहम भुमिका रही, बचपन में अंग्रेजो से डटकर सामना किया। हमारे लिए तो आज भी सुभाष चंद्र बोस जिंदा है। सभी ने अपने अपने विचार प्रकट किए। इस मौके पर भारतीय सुभाष सेना अध्यक्ष नारायण सोमानी, सचिव फकिरचंद्र मालवीय, मदनलाल टेलर, घीसालाल काछी, पारसमल रांका, सागरमल रांका, भंवरलाल धाकड, संदीप बाफना, फुलचंद्र दायमा, जितेन्द्र धाकड, कन्हैयालाल वीरवाल, हेमंत मराठा, कृष्णा मालवीय आदी वरिष्ठजन, युवाजन उपस्थित थे। संचालन सचिव फकिरचंद्र मालवीय ने किया। आभार संस्था अध्यक्ष नारायण सोमानी ने माना।
